सोन की आवाज न्यूज़ ब्यूरो चीफ जनपद चंदौली शेख टीपू सुल्तान
थाना अलीनगर, जनपद चंदौली
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा लगातार सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जनपद चन्दौली के थाना अलीनगर क्षेत्र से पुलिसिया कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। ग्राम कठौरी निवासी एक पीड़ित परिवार ने थाना प्रभारी पर न्याय देने के बजाय दबाव बनाने और शिकायतकर्ता को ही प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं।
बताया जा रहा है कि गुजरात में मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले दो सगे भाई — रामआशीष यादव और रामसजीवन यादव — की पत्नियों पर 21 मई 2026 को उनके ही घर में घुसकर सौतेले भाई व परिवार के अन्य लोगों द्वारा लाठी-डंडों से हमला किया गया। आरोप है कि इस दौरान चार माह की गर्भवती महिला के पेट पर भी वार किया गया, जिससे अजन्मे शिशु की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। पीड़ित पक्ष ने महिलाओं के साथ अभद्रता, लज्जा भंग करने तथा मंगलसूत्र लूटने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
36 घंटे बाद भी FIR नहीं:
सवाल पूछने पर सेना के जवान को थाने में बैठाने और जेल भेजने की धमकी का आरोप
पीड़ित परिवार के अनुसार, 22 मई को लिखित प्रार्थना पत्र लेकर अलीनगर थाने पहुंचने के बावजूद पुलिस द्वारा तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि करीब 36 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब पीड़ित पक्ष के एक सदस्य, जो भारतीय सेना में जवान बताए जा रहे हैं, ने कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठाया तो थाना प्रभारी कथित रूप से नाराज हो गए।
परिजनों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने सेना के जवान को थाने में बैठा लिया तथा भारी पुलिस बल बुलाकर पूरे परिवार को फर्जी मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार भय और दहशत के माहौल में जीने को मजबूर है, जबकि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक चन्दौली, मानवाधिकार आयोग तथा मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर भेजकर निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और न्याय की मांग की है।

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