PRD होमगार्ड, होमगार्ड जवान और कथित गिरोह पर हनीट्रैप व ब्लैकमेलिंग का आरोप,
पन्नूगंज क्षेत्र में मानव तस्करी जैसे नेटवर्क की चर्चा तेज
सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर सोनभद्र कमलेश कुमार सिंह
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के पन्नूगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक ने पीआरडी महिला कर्मी, होमगार्ड जवान एवं एक स्थानीय नेता पर संगठित तरीके से हनीट्रैप, शादी का दबाव और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पड़री कला, थाना पन्नूगंज निवासी संदीप तिवारी उर्फ सूर्यकांत तिवारी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि थाना सदर कोतवाली रॉबर्ट्सगंज में तैनात एक पीआरडी महिला कर्मी, पीआरबी 112 थाना रायपुर में तैनात होमगार्ड जवान तथा एक कथित सपा नेता मिलकर युवकों को जाल में फंसाने का संगठित रैकेट चला रहे हैं।
पीड़ित के मुताबिक फरवरी 2026 में उसे मुण्डेश्वरी देवी, बिहार ले जाने के बहाने उसके वाहन में एक युवती को बैठाया गया। बाद में उस युवती से शादी करने के लिए लगातार दबाव बनाया जाने लगा। युवक का आरोप है कि विवाह से इनकार करने पर उसे फर्जी मुकदमों में फंसाने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकी दी गई।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित युवती अलग-अलग स्थानों की निवासी बताकर कई युवकों को पहले भी शादी और प्रेमजाल में फंसा चुकी है। पीड़ित का दावा है कि यह पूरा मामला ब्लैकमेलिंग और पैसों की उगाही से जुड़ा हो सकता है।
युवक ने यह भी आरोप लगाया कि 28 अप्रैल 2026 को थाना पन्नूगंज में दबाव बनाकर उससे जबरन एक समझौता पत्र लिखवाया गया, जिसमें 10 दिनों के भीतर विवाह करने की बात लिखवाई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच किसी उच्चाधिकारी से कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।
क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल ब्लैकमेलिंग नहीं बल्कि भोले-भाले युवकों को फंसाने वाले बड़े गिरोह का मामला भी हो सकता है।
अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि इस गंभीर आरोपों वाले मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।




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