सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद बिंद
लेखपालों के धरने के बीच एसडीएम ने रखा प्रशासन का पक्ष, कहा—जनता के काम समय से होना सर्वोच्च प्राथमिकता
सोनभद्र/राबर्ट्सगंज। राबर्ट्सगंज सदर तहसील में लेखपालों के धरने के बीच प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच कार्यप्रणाली को लेकर मतभेद सामने आए हैं। मामले को लेकर एसडीएम सदर ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना अथवा निर्धारित दायित्वों का निर्वहन न करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन और राजस्व परिषद की मंशा के अनुरूप तहसील में कार्यों की लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही है।
एसडीएम सदर ने कहा कि कुछ मामलों में शासकीय कार्य लंबित रखे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व परिषद के निर्धारित नियमों के अनुसार लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात लेखपालों का स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और स्थानांतरण आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
रामचंद्र लेखपाल के मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार
एसडीएम सदर ने रामचंद्र लेखपाल से संबंधित मामले पर कहा कि वर्ष 2023 की मेड़बंदी से जुड़ी एक फाइल लंबे समय तक लंबित रहने और रिश्वत के आरोपों की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के बाद उच्च स्तर से जांच कराई गई। उन्होंने बताया कि मामले में जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है और तहसीलदार न्यायिक से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एसडीएम ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध अंतिम कार्रवाई जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार ही होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल दबाव बनाने से प्रशासनिक निर्णय प्रभावित नहीं होगा।
स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन पर भी सख्ती
एसडीएम ने बताया कि राजस्व परिषद के निर्धारित प्रावधानों के तहत एक ही सर्किल में निर्धारित अवधि तक कार्य करने वाले लेखपालों के स्थानांतरण किए जाते हैं। पूर्व में हुए स्थानांतरण आदेशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जिन लेखपालों का स्थानांतरण हो चुका है, उन्हें निर्धारित नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा।
उन्होंने तहसीलदार को निर्देशित किया है कि स्थानांतरण आदेशों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। दुद्धी तहसील स्थानांतरित किए गए लेखपालों के संबंध में भी उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें निर्धारित स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा।
लेखपाल संघ ने भी उठाए सवाल
वहीं दूसरी ओर, धरने पर बैठे लेखपाल संघ का कहना है कि उनसे उनके निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर के कार्य भी लिए जा रहे हैं। संघ का आरोप है कि कार्यप्रणाली को लेकर कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बनाया जा रहा है। इसी को लेकर लेखपालों ने अपनी आपत्तियां प्रशासन के समक्ष रखी हैं।
लेखपालों का कहना है कि उनकी समस्याओं और कार्यक्षेत्र से संबंधित मांगों पर भी प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। संघ की ओर से अपनी मांगों को लेकर धरना दिया जा रहा है।
एसडीएम बोले—काम करना हर कर्मचारी का दायित्व
एसडीएम सदर ने कहा कि शासन स्तर पर राजस्व कार्यों की लगातार समीक्षा हो रही है और तहसील स्तर पर भी प्रत्येक कार्य की मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि समय से राजस्व प्रकरणों की कार्रवाई पूरी न होने से मामले लंबित होते हैं, इसलिए कर्मचारियों को अपने दायित्वों का समयबद्ध तरीके से निर्वहन करना होगा।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी कर्मचारी को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को जवाबदेह, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। जनता के काम अनावश्यक रूप से लंबित न हों, इसके लिए कार्यप्रणाली में सख्ती जरूरी है।
एसडीएम ने दोहराया कि रामचंद्र लेखपाल के मामले में तहसीलदार न्यायिक की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा, जबकि स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।



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