सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर राम पुकार प्रसाद
दुद्धी से रेस्क्यू आठ दिन की नवजात का जिलाधिकारी ने किया नामकरण, बोले- बच्चों की देखभाल में नहीं होगी कोई कमी
सोनभद्र। कभी-कभी एक नाम महज पहचान नहीं, बल्कि जिंदगी की नई शुरुआत बन जाता है। दुद्धी क्षेत्र से रेस्क्यू की गई महज आठ दिन की नवजात बच्ची के लिए शुक्रवार का दिन भी ऐसा ही रहा। वन स्टॉप सेंटर एवं राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नन्ही बच्ची को अपनी गोद में लेकर उसका नाम ‘कीर्ति’ रखा। बच्ची को मिली नई पहचान के दौरान माहौल भावुक हो उठा।
डीएम ने बच्ची को दुलारते हुए कहा कि बच्चों की देखभाल में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य केवल संरक्षण देना नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, अपनापन, स्नेह और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों की जरूरतों और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान दत्तक ग्रहण इकाई में दो नवजात बच्चे आवासित मिले। इनमें गौरी जनवरी 2026 से रह रही है, जबकि दुद्धी से करीब छह दिन पूर्व रेस्क्यू की गई आठ दिन की नवजात बच्ची को भी यहां लाया गया है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी भी मौजूद रहीं।
कीर्ति के लिए संवरेगा आश्रय स्थल
बच्ची के बेहतर और सुरक्षित भविष्य के साथ परिसर की व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। डीएम और सीडीओ ने भवन में सोलर सिस्टम, किचन गार्डन और इंटरलॉकिंग का कार्य सीएसआर के माध्यम से कराने को कहा। वहीं डूडा को भवन की आवश्यक मरम्मत और अधूरे कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक मिली। वन स्टॉप सेंटर में 12 कार्मिक और दत्तक ग्रहण इकाई में अधीक्षिका समेत 10 कार्मिक तैनात हैं। शिफ्टवार ड्यूटी के साथ पुलिस विभाग की महिला आरक्षी भी सुरक्षा के लिए तैनात है।
नन्ही ‘कीर्ति’ का नामकरण महज औपचारिकता नहीं, बल्कि उस मासूम के लिए सुरक्षित बचपन, स्नेह और सम्मान के साथ नई जिंदगी की शुरुआत का संवेदनशील संदेश बन गया।

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