सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर अनपरा सोनभद्र पुष्पराज सिंह
*टूटे हैंडपंप को लकड़ी के सहारे चला रहे लोग, भीषण गर्मी में पेयजल के लिए जंग*
सोनभद्र/बीना। भीषण गर्मी के बीच जनपद सोनभद्र के म्योरपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बाँसी एसआरटी में पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। गाँव के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। जहाँ गर्मी के मौसम में पानी की आवश्यकता सबसे अधिक होती है, वहीं गाँव का मुख्य हैंडपंप और एक आरो प्लांट लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है। इससे ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों की उदासीनता और प्रधान प्रतिनिधि की अनदेखी के कारण समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए जुगाड़ और जोखिम दोनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
*लकड़ी के सहारे चल रहा जर्जर हैंडपंप*
गाँव के खराब पड़े हैंडपंप की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। उसका मुख्य हैंडल पूरी तरह टूट चुका है। पानी निकालने के लिए ग्रामीणों ने लकड़ी के पटरे को अस्थायी हैंडल बना दिया है। इसी देसी जुगाड़ के सहारे लोग किसी तरह पानी निकाल रहे हैं। हैंडपंप चलाने में इतनी अधिक ताकत लगती है कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए पानी भरना किसी चुनौती से कम नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल योजना’ भी यहाँ दम तोड़ती नजर आ रही है। योजना के तहत मिलने वाला पानी भी कभी-कभार और बहुत कम समय के लिए ही आता है। ऐसे में लोगों के सामने बड़ा सवाल है—
*आखिर वे अपनी प्यास बुझाने कहाँ जाएँ?*
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट और गहरा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल खराब हैंडपंप और आरो प्लांट को दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो हालात और भयावह हो सकते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है।


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