सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर राम पुकार प्रसाद
फार्मर आईडी-फैमिली आईडी में तेजी के निर्देश, खराब प्रदर्शन वाले विकासखंडों के DMM-BMM पर भी गिरी गाज
डीएम का सख्त संदेश—लक्ष्य पूरा करो, वरना तय होगी जवाबदेही; सुधार न हुआ तो सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई
सोनभद्र, 20 अगस्त 2026। विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार और शासन की प्राथमिकताओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ का रुख अब बेहद सख्त हो गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में नवीन व्यवस्था के तहत सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति वाले विभागों और विकासखंडों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डीएम ने जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्मिकों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की ओर से निर्धारित प्रत्येक लक्ष्य को शत-प्रतिशत और तय समयसीमा में पूरा करना होगा। विकास कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक देरी अथवा कमजोर प्रगति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
फार्मर आईडी-फैमिली आईडी में सुस्ती पर डीएम सख्त
समीक्षा में फार्मर आईडी एवं फैमिली आईडी निर्माण की प्रगति धीमी मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही अपेक्षित सुधार न होने की स्थिति में उपनिदेशक कृषि के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
डीएम ने साफ किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी और निर्धारित लक्ष्य हर हाल में हासिल करना होगा।
स्वयं सहायता समूहों की धीमी प्रगति पर भी कार्रवाई
बैठक में स्वयं सहायता समूहों के गठन के बाद रिवॉल्विंग फंड (RF), CIF फंड और फंड मैपिंग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कार्यों की धीमी गति पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
खास तौर पर खराब प्रदर्शन वाले विकासखंडों को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि संबंधित DMM एवं BMM के मानदेय भुगतान पर रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी कार्य की प्रगति में सुधार नहीं आता है तो संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निर्माण कार्यों में देरी पर भी अफसरों को चेतावनी
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की। जिन परियोजनाओं की रफ्तार धीमी मिली, उनके अधिकारियों को तत्काल निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। अनावश्यक विलंब या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
पूरी परियोजनाओं को लटकाने पर भी रोक
डीएम ने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनकी थर्ड पार्टी जांच जल्द कराई जाए। जांच पूरी होने के बाद परियोजनाओं को संबंधित विभाग को हैंडओवर करने की कार्रवाई प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा और हैंडओवर प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए।
सीएम डैशबोर्ड के हर कमजोर संकेतक पर होगी नजर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। जिन संकेतकों में प्रगति कम है, उनमें तत्काल सुधार किया जाए।
उन्होंने दो टूक कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कार्मिकों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतपाल वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए एस.के. राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम का स्पष्ट संदेश—काम में तेजी लाओ, लक्ष्य पूरा करो; लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय है।

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