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गड़ाव तरिया सहित दर्जनों गांवों में बिजली संकट से हाहाकार, 15 दिनों से अंधेरे में ग्रामीण

 

कनेक्शनधारी समय से भर रहे बिल, फिर भी बरसात में बिजली गुल—सर्प-बिच्छुओं के खौफ में जीने को मजबूर गरीब, जिम्मेदार कौन?

सोने की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद बिंद 


कोन, सोनभद्र।
कोन ब्लॉक के न्याय पंचायत गड़ाव तरिया में स्थापित बिजली स्टेशन और विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के चलते गड़ाव तरिया समेत आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण इन दिनों भीषण बिजली संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अगस्त माह में करीब 15 दिनों से बिजली की आपूर्ति बेहद खराब है और कई-कई दिनों तक गांव अंधेरे में डूबे रहते हैं। बरसात के मौसम में लगातार अंधेरा रहने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।

ग्रामीण जगदीश चौधरी ने बताया कि बिजली की नियमित आपूर्ति नहीं होने के कारण गरीब परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय घरों से बाहर निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। बरसात में सर्प और बिच्छुओं का आतंक बढ़ गया है और आए दिन किसी न किसी व्यक्ति को इनके खतरे का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली सिर्फ रोशनी का साधन नहीं, बल्कि बरसात के इस मौसम में उनकी सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्रामीण समय से बिजली का बिल जमा कर रहे हैं, तो उन्हें नियमित बिजली आपूर्ति क्यों नहीं मिल रही है? ग्रामीणों का आरोप है कि यदि किसी उपभोक्ता का बिल एक-दो दिन विलंब से जमा होता है तो विभागीय कर्मचारी तत्काल कनेक्शन काटने में तत्परता दिखाते हैं, लेकिन जब उपभोक्ता नियमित बिल चुका रहे हैं, तब उन्हें निर्धारित और सुचारु बिजली आपूर्ति क्यों नहीं दी जा रही है?

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब पूरे माह बिजली का बिल वसूलने विभागीय कर्मचारी पहुंचेंगे, तो आखिर उस बिल का आधार क्या होगा, यदि पूरे माह बिजली ही उपलब्ध नहीं कराई गई? ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए हर महीने बिजली बिल जुटाना आसान नहीं है, ऐसे में बिना पर्याप्त बिजली दिए पूरा बिल वसूलना उनके साथ अन्याय है।

बिजली संकट का असर केवल गड़ाव तरिया तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार तरिया, ससनई, ब्रह्मोरी, झरिया, चकरिया, गड़ाव, दोहर, पिंडौरी, रानीडीह और बसुहारी सहित आसपास के कई गांव अंधेरे की समस्या से जूझ रहे हैं। शाम होते ही गांवों में अंधेरा छा जाने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और ग्रामीणों की सुरक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

 *विभागीय अधिकारियों से ग्रामीणों की दो टूक मांग* 

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि गड़ाव तरिया विद्युत स्टेशन की तत्काल जांच कराई जाए, बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और यह पता लगाया जाए कि आखिर निर्धारित क्षेत्र में नियमित बिजली क्यों नहीं पहुंच रही है।

ग्रामीणों ने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि यदि उपभोक्ताओं से समय पर बिल वसूलना विभाग की जिम्मेदारी है, तो उपभोक्ताओं को समय पर बिजली उपलब्ध कराना भी विभाग की उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

अब देखना यह है कि बरसात में सर्प-बिच्छुओं के खतरे और अंधेरे में जीवन गुजार रहे ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक संज्ञान लेते हैं और गड़ाव तरिया समेत प्रभावित गांवों में बिजली व्यवस्था कब तक पटरी पर लौटती है।

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