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बड़ी खबर: राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग ने बिहार के सूचना मंत्री को सौंपा ज्ञापन, पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग

 


आवाज न्यूज़ पटना/बिहार: विशेष रिपोर्ट: शेख टीपू सुल्तान (ब्यूरो चीफ) 


पटना।
देश में पत्रकारों के हितों और उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार आवाज उठा रहे 'राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग' के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार सरकार के सूचना मंत्री श्रवण कुमार से मुलाकात की। आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने सूचना मंत्री को पत्रकारों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।

​सूचना मंत्री श्रवण कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बेहद गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि आयोग द्वारा उठाए गए मुद्दों और मांगों पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

​हमले सामान्य नहीं, गंभीर अपराध की श्रेणी में हों: आयोग


वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि पिछले कुछ वर्षों में देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों पर हमले, धमकियां और उत्पीड़न की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। भ्रष्टाचार, अपराध और सामाजिक कुरीतियों को उजागर करने वाले निर्भीक पत्रकारों को गंभीर खतरों का सामना करना पड़ रहा है। आयोग ने पुरजोर मांग की है कि:

​"पत्रकारों पर होने वाले किसी भी हमले को सामान्य अपराध न मानकर 'गंभीर अपराध' की श्रेणी में रखा जाना चाहिए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई हो सके।"

​डिजिटल और वेब पत्रकारों को मिले उचित सम्मान व संरक्षण


​ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, बदलते दौर में पत्रकारिता का स्वरूप भी तेजी से बदला है। आज वेब पोर्टल, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया आधारित पत्रकारिता का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। हजारों पत्रकार डिजिटल माध्यमों से जनहित के मुद्दों को पूरी प्रमुखता से उठा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें पारंपरिक मीडिया के पत्रकारों की तरह पहचान, मान्यता और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। आयोग ने सरकार से मांग की है कि वेब और डिजिटल मीडिया में कार्यरत पत्रकारों को भी उचित पहचान, सरकारी मान्यता और सुरक्षा प्रदान की जाए।


आयोग की प्रमुख मांगें (मुख्य बिंदु):

​गंभीर अपराध का दर्जा: पत्रकारों पर होने वाले हमलों को कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में शामिल किया जाए।

​पेंशन योजना का सरलीकरण: पत्रकारों के लिए लागू पेंशन योजनाओं के नियमों को सरल और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।

​आधुनिक प्रेस क्लब: राज्य के सभी जिलों में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 'प्रेस क्लब' की स्थापना हो।

​डिजिटल पत्रकारों को मान्यता: वेब और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को भी सरकारी स्तर पर मान्यता और संरक्षण मिले।

​स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा: सभी कार्यरत पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, प्रशिक्षण और मुफ्त कानूनी सहायता की पुख्ता व्यवस्था की जाए।


लोकतंत्र का चौथा स्तंभ संकट में: निशिकांत राय

​इस अवसर पर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पत्रकार सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त होंगे, तभी हमारा लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी हैं, और उनकी सुरक्षा वास्तव में लोकतंत्र की ही सुरक्षा है।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय के साथ राष्ट्रीय महासचिव डॉ. निशा सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मीकांत पटेल और निशांत भारती सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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