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18 आदिवासियों की जमीन फर्जी तरीके से दूसरे के नाम पट्टा कराने का आरोप

 सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद 


इंटक के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर तिरंगा यात्रा व प्रदर्शन, जांच कर पट्टा निरस्त करने की मांग

सोनभद्र। ग्राम पंचायत जुगैल, ब्लॉक चोपन के बड़का डाड़ क्षेत्र के 18 आदिवासियों की जमीन को कथित रूप से फर्जी तरीके से दूसरे के नाम पट्टा कराए जाने के विरोध में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक सोनभद्र के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा यात्रा निकालकर जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई तथा दोषियों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की।

इंटक के जिला अध्यक्ष हरदेवनारायण तिवारी ने बताया कि गाटा संख्या 14132 स्थित कोठीपियार घघवा की जमीन पर पिछले 25 से 30 वर्षों से 18 आदिवासी परिवार जोत-कोड़ कर जीवन यापन कर रहे हैं। आरोप है कि पूर्व वनाधिकार समिति सदस्य अमृतलाल बैगा ने अधिकारियों को गुमराह कर उक्त जमीन का पट्टा अपने तथा अपने परिवार के नाम करा लिया। इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत जुगैल के पांच अलग-अलग स्थानों पर भी वन भूमि का पट्टा अपने परिवार के नाम कराने का आरोप लगाया गया है।

जिला अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2019 में इन्हीं आदिवासियों के खिलाफ वन विभाग द्वारा जुगैल थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी तथा उन पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था, जिसे उन्होंने जमा किया। इससे स्पष्ट होता है कि उक्त भूमि पर वर्षों से इन आदिवासियों का कब्जा एवं खेती रही है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2002 में वन विभाग द्वारा बंदोबस्त अधिकारी ओबरा से मांगी गई आख्या में भी इन 18 आदिवासियों का नाम दर्ज है। साथ ही तत्कालीन वनाधिकार समिति अध्यक्ष रामसूरत बैगा एवं सचिव परमा सिंह ने शपथ पत्र देकर एसडीएम ओबरा और मंडलायुक्त मिर्जापुर को अवगत कराया था कि संबंधित जमीन का पट्टा अमृतलाल बैगा एवं उनके परिवार के नाम किए जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी तथा न ही वे नापी के समय मौजूद थे। दोनों अधिकारियों ने इसे पूरी तरह फर्जी प्रक्रिया बताते हुए जांच की मांग की थी।

प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी सोनभद्र को ज्ञापन सौंपते हुए फर्जी तरीके से किए गए पट्टों को तत्काल निरस्त करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ ओबरा एवं समाज कल्याण अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

हरदेवनारायण तिवारी ने कहा कि जमीन विवाद को लेकर आदिवासियों में तनाव बढ़ता जा रहा है और मारपीट जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर गरीब आदिवासियों को न्याय दिलाने की मांग की।

प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला महासचिव शमीम अख्तर खान, राम प्रसाद, चंदर, रामनारायण, ललिते, गोरखनाथ, देवधारी लाल, जीआरपी सिंह, सुरेश, हरिलाल, सियाराम, रामपति, गुलाब बैगा, मोहरलाल, भैया राम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं आदिवासी ग्रामीण उपस्थित रहे।

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