सोने की आवाज न्यूज़ शेख टीपू सुल्तान चंदौली
वाराणसी मंडल (वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली)।
"योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं।"
आज 21 जून को पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। इस पावन अवसर पर 'दैनिक सोनभद्र उजाला' समाचार पत्र व डिजिटल पोर्टल परिवार, मुख्य संपादक आदरणीय रामाश्रय बिंद जी एवं क्राइम ब्यूरो चीफ (वाराणसी मंडल) शेख टीपू सुल्तान की तरफ से समस्त जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और सम्मानित पाठकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं!
आज जहाँ हर कोई बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना कर रहा है, वहीं वाराणसी मंडल में एक अत्यंत गंभीर मरीज अपनी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। गरीबी और लाचारी से घिरे इस मरीज ने अपनी गोपनीयता बनाए रखने की शर्त पर मीडिया से मदद की गुहार लगाई थी। मरीज की इस अंतिम उम्मीद और उसकी अत्यंत नाजुक स्थिति को समझते हुए, दैनिक सोनभद्र उजाला के क्राइम ब्यूरो चीफ (वाराणसी मंडल) एवं राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग (जिला- चंदौली) के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष शेख टीपू सुल्तान ने अपनी आर्थिक सीमाओं से बाहर निकलकर एक गुप्त 'मानवीय विज्ञापन और सहयोग' मुहिम की शुरुआत की, ताकि मरीज के लिए दवाओं की तत्काल व्यवस्था की जा सके।
एक प्रधान की संवेदनशीलता बनी मिसाल: पप्पू प्रधान ने खोला सहयोग का खाता
इस आपातकालीन और पुनीत मुहिम के शुरू होते ही वाराणसी जनपद के थाना क्षेत्र रोहनिया के अंतर्गत भुलनपुर (पीएससी) की लखनपुर ग्राम सभा के माननीय ग्राम प्रधान श्री पप्पू प्रधान जी ने संवेदनशीलता की एक अद्भुत मिसाल पेश की है। स्वयं की परिस्थितियां बहुत सामान्य होने के बावजूद, उन्होंने तत्काल तत्परता दिखाई और मरीज के इलाज व दवाओं हेतु ₹500 की सहयोग राशि प्रेषित कर इस मानवीय कारवां की नींव रख दी।
इस अवसर पर माननीय ग्राम प्रधान श्री पप्पू प्रधान जी ने भी समस्त क्षेत्रवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। अद्भुत बात यह रही कि प्रधान जी ने पब्लिसिटी से दूर रहते हुए अपनी फोटो देने से भी साफ इनकार कर दिया और कहा— "यह मेरा विशुद्ध मानवीय कर्तव्य है, इसके लिए मुझे किसी विज्ञापन या प्रचार की आवश्यकता नहीं है। आप सिर्फ मरीज की गोपनीयता बनाए रखते हुए उसकी सेवा कीजिए।" प्रधान जी का यह निस्वार्थ कदम यह साबित करता है कि जनता के प्रतिनिधि सचमुच जनता के सुख-दुख के साथी होते हैं।
चिकित्सक ने संभाला मोर्चा, पर दवाओं का खर्च अभी भी बड़ी चुनौती
इस मुहिम को चिकित्सा स्तर पर भी बड़ा संबल मिला है। बौलिया (लहरतारा) स्थित 'यथार्थ क्लिनिक' के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर एन. के. मिश्रा ने मरीज की स्थिति को देखकर अपनी ओर से फीस व अन्य चिकित्सकीय सेवाएं निःशुल्क संभालने का आश्वासन दिया है। डॉक्टर साहब का स्पष्ट कहना है कि वे इलाज तो संभाल लेंगे, लेकिन मरीज को बचाने के लिए महंगी दवाओं और चिकित्सा सामग्री का खर्च उठाना अनिवार्य है।
मुख्य संपादक रामाश्रय बिंद सर का संबल: आगे आने वाले जनप्रतिनिधियों को मिलेगा मंच
इस पूरे अभियान को गति देने के लिए 'दैनिक सोनभद्र उजाला' के मुख्य संपादक आदरणीय रामाश्रय बिंद सर ने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा है कि— "मरीज की जिंदगी बचाने के लिए जो भी जनप्रतिनिधि या समाजसेवी इस संकट काल में आगे आएंगे, उनके इस संवेदनशील और सकारात्मक चेहरे को हमारे मीडिया नेटवर्क के माध्यम से प्रमुखता से जनता के बीच लाया जाएगा, ताकि समाज को प्रेरणा मिल सके।"
कारवां शुरू हो चुका है, अब अन्य सजग जनप्रतिनिधियों के सहयोग की प्रतीक्षा
मुहिम के प्रणेता शेख टीपू सुल्तान ने बताया कि पप्पू प्रधान जी के सहयोग से इस पुनीत कार्य का आगाज़ हो चुका है और यह साबित हो गया है कि यह मुहिम पूरी तरह धरातल पर और सच्ची है। चूंकि मामला बेहद नाजुक है और दवाओं के लिए और अधिक सहयोग की अत्यंत आवश्यकता है, इसलिए वाराणसी मंडल के अन्य माननीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों से यह भावुक अपील है कि इस योग दिवस पर किसी का जीवन बचाने के इस पवित्र कारवां का हिस्सा बनें और अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप सहयोग राशि प्रदान कर इंसानियत के इस सफर को आगे बढ़ाएं।

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