सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर राम पुकार प्रसाद
सुभाष चौराहे पर गूंजे वंदे मातरम् और इंकलाब जिंदाबाद के नारे
ओबरा। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को हनुमान मंदिर, सुभाष चौराहे पर सोन चेतना सामाजिक संगठन के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगठन के संस्थापक अभिषेक अग्रहरी के नेतृत्व में युवाओं ने भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर उनके बलिदान को याद किया। इस दौरान वंदे मातरम्, भारत माता की जय और इंकलाब जिंदाबाद के नारों से चौराहा गूंज उठा।
कार्यक्रम में भगत सिंह के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड, साइमन कमीशन के विरोध के दौरान लाला लाजपत राय पर हुए लाठीचार्ज और उनकी मृत्यु जैसी घटनाओं ने भगत सिंह के क्रांतिकारी जीवन की पृष्ठभूमि को प्रभावित किया। बाद में उन्होंने अपने साथियों के साथ ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष को आगे बढ़ाया। 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बटुकेश्वर दत्त के साथ बम फेंकने के बाद उन्होंने गिरफ्तारी दी, जबकि 23 मार्च 1931 को राजगुरु और सुखदेव के साथ उन्हें फांसी दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि आज आवश्यकता है कि भगत सिंह के जीवन और विचारों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर युवाओं तक पहुंचाया जाए और उनके संघर्ष से प्रेरणा ली जाए।
इस अवसर पर अमित बंसल, शुभम सिंह उर्फ सूर्या, हैप्पी अग्रवाल, गोपाल पटेल, सिद्धांत पटेल, आशू यादव, मनीष यादव, राज सोनकर, रत्नेश अग्रहरि और विकास पाठक सहित कई युवा उपस्थित रहे।






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