सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर राम पुकार प्रसाद
गुड टच-बैड टच से लेकर महिला अधिकारों तक हुई खुलकर चर्चा, हेल्पलाइन नंबरों से भी कराया रूबरू
सोनभद्र। बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को लेकर सोनभद्र में एक और सार्थक पहल हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को बिल्ली मारकुंडी, ओबरा स्थित महिला संकुल कार्यालय में किशोरियों के लिए जागरूकता एवं स्वरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला कल्याण विभाग के हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्डलाइन एवं हंस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में किशोरियों को सुरक्षा के साथ अपने अधिकारों के प्रति भी सजग किया गया।
आत्मविश्वास बढ़ाया, सुरक्षा के गुर सिखाए
कार्यक्रम में किशोरियों को लैंगिक संवेदनशीलता, आत्मरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बालिकाओं को बताया गया कि किसी भी असहज या संदिग्ध परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और आत्मविश्वास के साथ उसका सामना करें तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता लें।
गुड टच-बैड टच पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान गुड टच-बैड टच, लैंगिक उत्पीड़न से बचाव और बालिकाओं के साथ होने वाली असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान के बारे में विस्तार से समझाया गया। किशोरियों को अपने शरीर, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी गलत व्यवहार को चुपचाप सहन न करने के लिए प्रेरित किया गया।
कानूनों की दी जानकारी
कार्यक्रम में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम (POSH Act) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। बालिकाओं को बताया गया कि कानून उनके अधिकारों और सुरक्षा के लिए मजबूती से उनके साथ खड़ा है।
योजनाओं की जानकारी के साथ बांटे पंपलेट
किशोरियों को वन स्टॉप सेंटर, बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। योजनाओं से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए।
जरूरत के समय सहायता लेने के लिए बालिकाओं को 181, 1098, 112, 102, 1090 एवं 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट साधना मिश्रा, परियोजना समन्वयक मुकेश सिंह, केस वर्कर सीमा शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर सफरुद्दीन सहित संबंधित टीम के सदस्य मौजूद रहे। किशोरियों ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग लिया।
सशक्त बेटी, सुरक्षित समाज का संदेश
कार्यक्रम ने किशोरियों के बीच यह संदेश मजबूती से पहुंचाया कि सुरक्षा केवल सावधानी से नहीं, बल्कि जागरूकता, आत्मविश्वास और अपने अधिकारों की जानकारी से भी मजबूत होती है। आत्मरक्षा के गुर सीखकर और कानूनों की जानकारी हासिल कर किशोरियों ने सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाया।

Post a Comment