सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद
वार्डों में मच्छरों का आतंक, शौचालयों में सड़ांध — राष्ट्रीय लोकदल ने दी कड़ी चेतावनी
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल के एल-2 परिसर में भर्ती मरीजों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर राष्ट्रीय लोकदल राष्ट्रीय लोकदल के जिला प्रवक्ता मनदीप सिंह मनदीप सिंह ने गहरी नाराज़गी और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मरीजों को नारकीय हालात में रहने को मजबूर किया जा रहा है।
देर रात्रि जिला अस्पताल के एल-2 परिसर में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने पहुंचे मनदीप सिंह ने देखा कि एक ओर चिकित्सक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कार्यरत थे, लेकिन दूसरी ओर मरीजों के वार्डों की हालत बेहद शर्मनाक और चिंताजनक थी। वार्डों में मरीजों के बिस्तरों पर मक्खियों और मच्छरों का जमावड़ा लगा हुआ था, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। साफ-सफाई की स्थिति इतनी दयनीय थी कि पूरा वार्ड बदइंतजामी की कहानी खुद बयां कर रहा था।
उन्होंने बताया कि वार्ड के वाशरूम में गंदे कपड़ों और कूड़े-कचरे का ढेर जमा था। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि शौचालयों में कई दिनों पुराना मल भरा और सूखा हुआ पाया गया, जिससे उठती दुर्गंध ने मरीजों और उनके परिजनों का जीना दूभर कर दिया है। यह दृश्य स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करता है कि आखिर मरीजों की बुनियादी सुविधाओं के प्रति इतनी घोर उदासीनता क्यों बरती जा रही है।
जब भर्ती मरीजों और उनके साथ मौजूद तीमारदारों से इस संबंध में बातचीत की गई, तो उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा कि भर्ती होने के दिन से ही शौचालयों की हालत बदतर बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। मरीजों का कहना था कि बीमारी से लड़ने के साथ-साथ उन्हें गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों से भी जूझना पड़ रहा है।
मनदीप सिंह ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और प्रबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि अस्पतालों में ही मरीज सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण न पा सकें, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर शर्म की बात है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से तत्काल संज्ञान लेते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदार कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा सामने आई, तो राष्ट्रीय लोकदल सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर कब तक मौन रहते हैं या मरीजों की पीड़ा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई करते हैं।


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