ओबरा में मजदूरों के शोषण के खिलाफ गरजा श्रमिक संगठन
सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर सोनभद्र कमलेश कुमार सिंह
ओबरा (सोनभद्र) में मजदूरों के आर्थिक शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ अब आवाज़ बुलंद होने लगी है। बुधवार को ओबरा स्थित भारतीय संविधान श्रमिक संगठन के कार्यालय पर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय ठेकेदारों की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के अध्यक्ष मणि शंकर पाठक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रमिकों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर मजदूर को सम्मानजनक जीवन और उचित मजदूरी का अधिकार देता है, लेकिन ओबरा क्षेत्र में ठेकेदार खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न परियोजनाओं में कार्यरत मजदूरों से कम मजदूरी में अधिक काम लिया जा रहा है, साथ ही सुरक्षा मानकों और बुनियादी सुविधाओं की भी अनदेखी हो रही है। श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन कर मजदूरों का लगातार शोषण किया जा रहा है।
संगठन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जल्द ही मजदूरों की समस्याओं को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि ठेकेदारों और प्रशासन का रवैया नहीं बदला तो संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
इस बैठक में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें रणजीत तिवारी (उपाध्यक्ष), कृष्ण कुमार पाठक (महामंत्री), उमेश पटेल (मंत्री), नवलेश वर्मा (कोषाध्यक्ष) सहित रामेश्वर गिरी, इंद्र कुमार झा, महेंद्र कुमार पांडे और रवि विश्वकर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
बैठक के अंत में बड़ी संख्या में मौजूद श्रमिकों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को जारी रखने का संकल्प लिया और संगठन के प्रति अपनी मजबूती दिखाई।



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