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हिंदी पत्रकारिता दिवस पर गूंजा पत्रकारिता का मंथन “पत्रकारिता तब और अब” संगोष्ठी में निष्पक्षता,

 

जनसरोकार और डिजिटल दौर की चुनौतियों पर हुई गंभीर चर्चा


सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर अनपरा सोनभद्र पुष्पराज सिंह बघेल 



रेणुकूट/सोनभद्र।
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर रेणुकूट स्थित पद्मिनी होटल में पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विचार संगोष्ठी में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, उसकी विश्वसनीयता और वर्तमान चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई। “पत्रकारिता तब और अब” विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।



कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत निष्पक्षता, सत्यता और जनहित है। वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में तकनीक और डिजिटल मीडिया ने पत्रकारिता को नई दिशा दी है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदार और तथ्यपरक पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है।



संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने पत्रकारिता के पुराने दौर और वर्तमान समय की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि पहले पत्रकारिता मिशन मानी जाती थी, जबकि आज के दौर में कई नई चुनौतियां सामने हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के बीच पत्रकारों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है कि वे समाज तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाएं।



उपस्थित पत्रकारों ने जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने तथा पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक और सशक्त बनाना भी है।



कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विशिष्ट अतिथियों ने पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं आयोजक मंडल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, पत्रकार साथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित यह संगोष्ठी पत्रकारिता के मूल्यों, दायित्वों और भविष्य की दिशा पर सार्थक विमर्श का प्रभावशाली मंच साबित हुई।

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