सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर सोनभद्र कमलेश कुमार सिंह
मानक विहीन स्कूलों पर शिकंजा, बंद न करने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी
सोनभद्र। जनपद में शिक्षा के नाम पर चल रहे अवैध कारोबार पर अब प्रशासन का डंडा चलना शुरू हो गया है। शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिले के गांव, मुहल्लों और चट्टी-चौराहों पर संचालित 45 अवैध एवं मानक विहीन विद्यालयों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल बंद करने का नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई से तथाकथित शिक्षा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार कई विद्यालय केवल कक्षा 05 या 08 तक की मान्यता लेकर धड़ल्ले से इंटर कॉलेज तक का संचालन कर रहे थे। इन स्कूलों में अभिभावकों से मोटी फीस के साथ कॉपी-किताब, ड्रेस, जूता, बैग और अन्य मदों में जमकर अवैध वसूली की जा रही थी। शिक्षा के नाम पर खुलेआम बच्चों और अभिभावकों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण किया जा रहा था।
*“बंद नहीं हुए तो होगी एफआईआर” : विभाग की दो टूक चेतावनी*
जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि विभागीय टीमें लगातार क्षेत्रवार जांच कर रही हैं और जो भी विद्यालय मानकों के विपरीत संचालित पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नोटिस के बावजूद विद्यालय बंद नहीं किए गए तो संचालकों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के साथ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बताया जा रहा है कि अभी भी कई दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध विद्यालय संचालित हैं, जिनकी पहचान कर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। विभाग का दावा है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी शिक्षा माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
*“शिक्षा के मंदिर नहीं, अवैध कमाई के अड्डे बन चुके थे कई स्कूल”*
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में कई निजी विद्यालय शिक्षा का स्तर सुधारने के बजाय केवल पैसा कमाने का जरिया बन चुके थे। बिना संसाधन, बिना प्रशिक्षित शिक्षक और बिना मानकों के बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा था।
शासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह अभियान पूरी गंभीरता से जारी रहा तो सोनभद्र के हजारों-लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा।


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