सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद बिंद
*नगर मे कई स्थल पर अवैध नशाखोरी का अडडा खामोश दर्शक बना स्थानीय प्रशासन।*
सोनभद्र ऊर्जाधानी के रूप में पहचाने जाने वाले अनपरा और आसपास के इलाकों में अवैध मादक पदार्थों का काला कारोबार अपनी जड़ें पूरी तरह जमा चुका है। गांजा, स्मैक और नशीली दवाओं की खुलेआम बिक्री से क्षेत्र का माहौल तेजी से बिगड़ रहा है। गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख चौराहों तक नशे के सौदागर बेखौफ होकर अपना जाल फैला रहे हैं, जिससे नवयुवकों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
*नगर के प्रमुख्य चौराहों से लेकर कॉलोनियों तक फैला नेटवर्क।*
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अनपरा के कई संवेदनशील इलाकों बजरंग नगर, डिबूलगंज, ममुआर, कुवारी, लोझरा, काशीमोड़, औड़ी रेलवे पुलिया, कहुआनाला, परासी, कोलगेट, ककरी, रेहटा ग्राम इनके अलावा खदान क्षेत्रो मे झाड़ियों और सुनसान स्थानों पर सुबह से ही नशेड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। सस्ते नशे की लत में फंसकर स्कूली छात्र, कॉलेज के युवा और दिहाड़ी मजदूर तेजी से इसका शिकार बन रहे हैं। गांजा और नशीली गोलियों के इस आसान सुलभ तंत्र के कारण क्षेत्र में आए दिन छोटी-मोटी चोरी, मारपीट और आपराधिक वारदातें बढ़ती जा रही हैं।
*अवैध मादक पदार्थों का काला कारोबार बर्बाद कर रहा है नवयुवकों का भविष्य।*
नशे की इस लत ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चे धीरे-धीरे पढ़ाई और काम-धंधे से दूर होकर नशे के गर्त में समाते जा रहे हैं। कई घरों में आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का माहौल बन चुका है। युवा पीढ़ी का करियर शुरू होने से पहले ही इस अवैध धंधे की बलि चढ़ रहा है।
*नगर प्रशासन और पुलिस की चुप्पी पर स्थानीय लोग उठा रहे सवाल।*
क्षेत्र में खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस और प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों और समाजसेवियों का आरोप है कि अवैध मादक पदार्थों का काला कारोबार करने वालो का अडडा सब जानते है फिर स्थानीय प्रशासन क्यो अनजान बनी है। कई बार शिकायतें मिलने के बाद भी कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ती की जाती है। यदि कभी कोई छोटी-मोटी कार्रवाई होती भी है, तो मुख्य तस्कर और सरगना पुलिस की पहुंच से बाहर ही रहते हैं। प्रशासन की इस कथित अनदेखी के चलते नशा तस्करों के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और परिजनों ने जिला प्रशासन व पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि अनपरा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। लोगों की मांग है कि युवाओं को इस दलदल से निकालने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

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