सोने की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर राम पुकार प्रसाद
सोनभद्र। फर्जी खनन परमिट के आधार पर दो ट्रकों का संचालन कराए जाने और जांच के दौरान परमिट कूटरचित पाए जाने का मामला सामने आया है। मामले में गोरखपुर निवासी ट्रक मालिक रामजी राय की तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने विजय मौर्य और आलम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि गोरखपुर के बासगांव थाना क्षेत्र के बघरी गांव निवासी ट्रक मालिक रामजी राय के दो ट्रक खनन सामग्री के परिवहन में लगे थे। आरोप है कि तीन अगस्त को खनन सामग्री के परिवहन के लिए मिर्जापुर निवासी विजय मौर्य और खासडीह चितविश्राम निवासी आलम से परमिट लिया गया था। दोनों ने परमिट को वैध एवं सही बताया था।
परमिट के आधार पर वाहनों का संचालन किया जा रहा था। इसी दौरान खनन विभाग की टीम ने तीन अगस्त को दोनों वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की। जांच में परमिट फर्जी, कूटरचित एवं अमान्य पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद विभाग ने दोनों ट्रकों को कब्जे में लेकर उन्हें अड्लहाट थाने में निरुद्ध करा दिया।
परमिट को वैध बताकर कराया वाहनों का संचालन, जांच में खुली पोल
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, परमिट जारी कराने से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच तेज
ट्रक मालिक रामजी राय ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया कि विजय मौर्य और आलम ने परमिट को वैध बताते हुए उनके साथ धोखाधड़ी की, जिसके कारण उनके वाहनों पर कार्रवाई हुई और उन्हें थाने में खड़ा करा दिया गया।
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच उपनिरीक्षक विष्णु प्रभा सिंह को सौंपी गई है। पुलिस द्वारा परमिट की सत्यता, उसे तैयार कराने की प्रक्रिया तथा इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


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