सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद
आकांक्षी चतरा ब्लॉक में कूड़ा प्रबंधन की खुली पोल
कोटेदार के सामने गंदगी से संक्रमण का खतरा, सफाई व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल—जिलाधिकारी से जांच व कार्रवाई की मांग
रामगढ़/सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के चतरा विकासखंड के रामगढ़ क्षेत्र में आकांक्षी ब्लॉक के रूप में विकास और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। ग्राम पंचायत कस्बे के अंतर्गत ब्लॉक परिसर के आसपास कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आने का आरोप है।
ब्लॉक क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण के लिए कूड़ादान एवं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किया गया है। बताया जाता है कि यहां आधुनिक मशीन के माध्यम से प्लास्टिक कचरे को प्रोसेस करने की व्यवस्था है और पूरे ब्लॉक क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े को निर्धारित स्थान तक पहुंचाकर उसका निस्तारण किया जाना है।
इसके बावजूद आरोप है कि ब्लॉक परिसर में कार्यक्रमों के दौरान सफाई कर्मियों द्वारा निकलने वाला कूड़ा निर्धारित कूड़ादान या प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर में ले जाने के बजाय रास्ते में कोटेदार पारस के सामने खाली स्थान पर ही फेंक दिया जाता है। देखते ही देखते वहां कूड़े का बड़ा ढेर जमा हो जाता है।
सबसे गंभीर चिंता की बात यह है कि उक्त स्थान पर प्रत्येक माह बड़ी संख्या में राशन लाभार्थी पहुंचते हैं। राशन वितरण के दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटती है। ऐसे में खाद्य सामग्री के वितरण स्थल के सामने कूड़े का ढेर लगा होना स्वच्छता और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से गंभीर सवाल खड़े करता है।
कूड़े के ढेर से दुर्गंध, मक्खी-मच्छर और अन्य कीट उत्पन्न होने की आशंका रहती है। इससे राशन वितरण स्थल के आसपास संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी सफाई कर्मियों और संबंधित जिम्मेदारों को कई बार दी गई, लेकिन इसके बावजूद मौके से कूड़ा हटाने और नियमित सफाई कराने की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई।
स्थानीय स्तर पर सवाल यह भी उठ रहा है कि जब ब्लॉक क्षेत्र में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए आधुनिक मशीन और निर्धारित कूड़ा निस्तारण केंद्र उपलब्ध है, तो फिर सार्वजनिक रास्ते और राशन वितरण स्थल के सामने कूड़ा क्यों डाला जा रहा है?
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों की टीम भेजकर स्थलीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि कूड़ा निर्धारित कूड़ादान में ही डलवाया जाए, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर में लगी आधुनिक मशीन का नियमित संचालन सुनिश्चित कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए।
आकांक्षी ब्लॉक में यदि कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था ही कागजों तक सीमित रह जाए और कूड़ा खुले में फैलता रहे, तो विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।


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