सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद बिंद
साइकिल से लेकर सरकारी सामान, बैटरी, समरसेबल पंप और लोहे की सरिया तक चोरी—ग्रामीणों ने कार्रवाई की उठाई मांग
डोमरीया सोनभद्र। ग्राम पंचायत डोमरीया एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ताजा मामला 22 अगस्त 2026 की भोर करीब 3 बजे का है, जब घर पर रखी साइकिल अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में लंबे समय से चोरी की कई घटनाएं सामने आती रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार अब तक मनीष की साइकिल, राजेन्द्र भइया (कल्लू मिस्त्री) की साइकिल, पूर्व प्रधान राममूरत बिन्द की साइकिल, सफाई कर्मी विजयमल की साइकिल, पंचायत भवन पर रखे सरकारी कूड़ा ढोने वाले टोटो की बैटरी, सार्वजनिक शौचालय का समरसेबल पंप, सोने के गहने, मोहन भइया के घर से लोहे की सरिया, रामनरेश बिन्द के घर से साइकिल तथा वीरेंद्र भइया की लोहे की सरिया चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक ग्रामीण अपने घर और सामान की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहेंगे? ग्रामीणों का कहना है कि यदि चोरी की घटनाओं पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो चोरों के हौसले और बढ़ सकते हैं।
इस मामले को लेकर आवाज उठाने वाले प्रदुमन का कहना है कि गांव में चोरी की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना किसी प्रकार की राजनीति नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़ा सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्रामीण का सामान चोरी होता है तो उसके दर्द और नुकसान को समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कुछ ठेकेदारों द्वारा यह कहे जाने की बात सामने आई है कि “प्रदुमन बहुत राजनीति कर रहा है।” इस पर उनका कहना है कि “चोरी के खिलाफ आवाज उठाना राजनीति नहीं है। गांव की सुरक्षा, सरकारी संपत्ति की रक्षा और ग्रामीणों के अधिकारों के लिए आवाज उठाना हर जिम्मेदार नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है।”
ग्रामीणों ने संबंधित पुलिस एवं प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए तथा रात्रि गश्त को प्रभावी बनाया जाए। साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि यदि पूर्व की घटनाओं की भी जांच कर चोरियों का खुलासा किया जाए तो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
अब सवाल सिर्फ एक साइकिल की चोरी का नहीं, बल्कि पूरे गांव की सुरक्षा का है। ग्रामीणों की मांग है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

إرسال تعليق