सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद
भाजपा मंडल अध्यक्ष की सूचना पर सक्रिय हुई मीडिया, मामला उजागर होने के बाद हरकत में आया प्रशासन
सोनभद्र/रामपुर बरकोनिया। जनपद सोनभद्र के ग्राम पंचायत डुमरिया से एक बेहद शर्मनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां घर में अकेली महिला के साथ कथित तौर पर जबरन घुसकर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है।
पीड़िता पूनम चेरो, पत्नी राजकुमार चेरो, ने आरोप लगाया कि दिनांक 20 जून 2026 को लगभग दोपहर 12 बजे, जब उसका पति बाहर काम पर गया हुआ था और वह घर में अकेली थी, तभी उसके बच्चे बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान आरोपी बदरे आलम, पुत्र साबर अली, निवासी पोस्ट पादरी कला, थाना रामपुर बरकोनिया, जनपद सोनभद्र, शराब के नशे में जबरन उसके घर में घुस आया।
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसका मुंह दबाकर जान से मारने की धमकी दी और डर का फायदा उठाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी करीब ढाई से तीन घंटे तक घर में रहा और महिला के साथ अमानवीय व्यवहार करता रहा।
कुछ देर बाद पीड़िता की जेठानियां मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में 112 नंबर पर सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और आरोपी को पकड़कर रामपुर बरकोनिया थाने ले गई।
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि आरोपी के थाने पहुंचने के बावजूद लगभग 24 घंटे तक पीड़िता की सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता और परिजनों का आरोप है कि कुछ दबंग लोग आरोपी को बचाने में लगे रहे, जिसके चलते कार्रवाई में देरी हुई।
इस गंभीर मामले की सूचना चतरा भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र बिंद द्वारा मीडिया को दी गई, जिसके बाद मीडिया ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया और घटनास्थल से लेकर पीड़िता की स्थिति तक पूरी जानकारी जुटाई। मीडिया के सक्रिय होने के बाद ही मामला तेजी से प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ता दिखाई दिया।
इसके बाद पीड़ित महिला को थाने पर बुलाया गया, जहां से एक महिला कांस्टेबल के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तियारा मेडिकल परीक्षण हेतु भेजा गया। तियारा अस्पताल में प्रारंभिक जांच के बाद चिकित्सकों ने विस्तृत मेडिकल परीक्षण के लिए पीड़िता को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
पीड़िता गरीब परिवार से होने के कारण न्याय में देरी और दबाव की बातें भी सामने आ रही हैं। क्षेत्रीय लोगों की मांग है कि आरोपी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो तथा मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।
यदि पीड़िता के आरोप सत्य हैं, तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके।




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