सोन की आवाज न्यूज़ क्राइम रिपोर्टर सोनभद्र कमलेश कुमार सिंह
रेणुकूट सोनभद्र । “मानव सेवा ही माधव सेवा है” — इस कथन को अक्सर लोग सुनते हैं, लेकिन इसे जीवन में उतारना हर किसी के बस की बात नहीं होती। औद्योगिक नगर रेणुकूट में टीम निशा के बबलू सिंह और विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने इस विचार को अपने कर्मों से साकार कर दिखाया है।
समाज जहां मानसिक रूप से विक्षिप्त और असहाय लोगों से दूरी बना लेता है, वहीं इस टीम ने निस्वार्थ सेवा की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे जनपद को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
घटना बेहद हृदय विदारक है। एक विक्षिप्त महिला, जो महीनों से सड़कों पर भटक रही थी, एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई। सड़क किनारे सोते समय उसके दोनों पैर कुचल गए। घायल महिला कई घंटों तक कूड़े के ढेर के पास दर्द से कराहती रही, लेकिन हजारों लोगों के गुजरने के बावजूद किसी ने उसकी मदद करना जरूरी नहीं समझा।
इसी बीच जैसे ही इस दर्दनाक घटना की जानकारी टीम निशा को मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना समय गंवाए 112 पुलिस को सूचना दी गई और महिला को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाया गया। वर्तमान में महिला का इलाज सरकारी अस्पताल में जारी है।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में टीम निशा की सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जहां जनप्रतिनिधि अक्सर आमजन से दूर नजर आते हैं, वहीं यह टीम संकट के समय जमीन पर उतरकर सेवा का सच्चा उदाहरण पेश कर रही है।
विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह, जिन्हें क्षेत्र में “शहंशाह” के नाम से जाना जाता है, अपनी संवेदनशीलता और सेवा भाव के लिए चर्चा में हैं। चाहे कोई लाचार इंसान हो या सड़क पर घायल पशु — उनकी मदद के लिए वे हमेशा आगे रहते हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि हर सक्षम व्यक्ति इसी तरह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे, तो कोई भी असहाय व्यक्ति सड़क पर तड़पने को मजबूर नहीं होगा।
आज के स्वार्थपूर्ण दौर में टीम निशा और डब्लू सिंह समाज के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरे हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सच्ची बहादुरी दूर खड़े होकर तमाशा देखने में नहीं, बल्कि किसी का हाथ थामकर उसे जीवन देने में है।

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