सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर अनिकेत कुमार बिंद
ओबरा ताप विद्युत गृह के गांधी मैदान में मनाई गई गांधी एवं शास्त्री जयंती, स्वच्छता और ऊर्जा संरक्षण का दिलाया संकल्प
ओबरा (सोनभद्र), 02 अक्टूबर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर ओबरा ताप विद्युत गृह द्वारा गांधी मैदान, ओबरा में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं नगरवासियों ने गांधी जी के सत्य-अहिंसा और शास्त्री जी के सादगी, ईमानदारी एवं राष्ट्रसेवा के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजी. दूध नाथ, मुख्य महाप्रबंधक ने महात्मा गांधी के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध गांधी जी के संघर्ष से लेकर चंपारण, खेड़ा, असहयोग आंदोलन, वर्ष 1930 की दांडी यात्रा तथा 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया।
उन्होंने कहा कि गांधी जी ने चरखा और खादी के माध्यम से आत्मनिर्भरता, श्रम की गरिमा और स्वदेशी की भावना को मजबूत किया। गांधी जी के प्रसिद्ध ‘जंतर’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि उसकी सेवा का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्य महाप्रबंधक ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साधारण परिस्थितियों से देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के बावजूद शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को कभी नहीं छोड़ा। वर्ष 1965 के युद्ध के दौरान उनके दिए गए ‘जय जवान, जय किसान’ के आह्वान ने देशवासियों में नया आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का संचार किया।
स्वच्छता को आदत और ऊर्जा संरक्षण को जिम्मेदारी बनाने की अपील
इंजी. दूध नाथ ने बताया कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की इस वर्ष की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ है। परियोजना में ‘सेवा का संकल्प’ अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी से स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कचरे को स्रोत पर ही अलग करने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने तथा सफाई मित्रों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा का ध्यान रखने की अपील की।
बीटीपीएस की 200 मेगावाट इकाइयां सुचारु, सीटीपीएस की तकनीकी समस्या के समाधान में जुटी टीम
परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि बीटीपीएस की 200 मेगावाट की इकाइयां सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। वहीं सीटीपीएस, ओबरा की इकाइयों में आई अप्रत्याशित तकनीकी समस्याओं के कारणों का पता लगाने और उनके समाधान के लिए अभियंता, तकनीकी कर्मी, संविदा कर्मी एवं सुरक्षा बल के जवान दिन-रात जुटे हुए हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीकी समस्या का शीघ्र समाधान कर इन इकाइयों को जल्द से जल्द संचालन में लाया जाएगा।
कार्यक्रम में इंजी. निखिल चतुर्वेदी, महाप्रबंधक (प्रशासन), इंजी. ए.के. राय, महाप्रबंधक (सिविल), इंजी. मदन मोहन चतुर्वेदी, महाप्रबंधक (बीटीपीएस), अधीक्षण अभियंता इंजी. राजेश्वर प्रसाद, इंजी. जितेंद्र मिश्रा, इंजी. सुरेश चंद्र मिश्रा, इंजी. सुधांशु यादव, इंजी. संजय पटेल, श्री अखिलेश त्रिपाठी, उप महाप्रबंधक (लेखा), डॉ. पी.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा श्री सदाराम यादव, उप कमांडेंट, सीआईएसएफ सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं नगरवासी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आयोजन इंजी. सदानंद यादव, अधिशासी अभियंता एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। अंत में ‘महात्मा गांधी अमर रहें’ और ‘लाल बहादुर शास्त्री अमर रहें’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
जनसंपर्क अधिकारी
ओबरा ताप विद्युत गृह, ओबरा, सोनभद्र






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