सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर सोनभद्र कमलेश कुमार सिंह
‘अब नहीं तो कभी नहीं’—प्रदूषण पर लगाम नहीं लगी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
ओबरा (सोनभद्र)। 3 मई 2026 ओबरा तहसील के ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी के टोला खैरटिया में उड़ती राख (ड्राई ऐश) से फैल रहे जानलेवा प्रदूषण के खिलाफ रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। अपना दल (एस) के जिला महासचिव शिवदत्त दुबे के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने ‘ओम चौराहा’ से ‘नए पुल’ तक पद संचलन करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
*प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप*
प्रदर्शन के दौरान शिवदत्त दुबे ने ओबरा सीजीएम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राख से फैल रही बीमारियों और स्वास्थ्य खतरों की जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने केवल आश्वासन देकर मामले को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने इसे ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ करार दिया।
*“सांस लेना भी हुआ मुश्किल”*
ग्रामीणों का कहना है कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम द्वारा ड्राई ऐश का खुले में भंडारण किया जा रहा है, जिससे राख हवा में उड़कर घरों, रसोई और खाद्य सामग्री तक पहुंच रही है। हालात इतने खराब हैं कि—
- लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही है
- बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है
- खेतों में खड़ी फसलें राख की चादर में तब्दील होकर बर्बाद हो रही हैं
*उग्र आंदोलन की चेतावनी*
ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस प्रदूषण पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर डाल दी गई है।
*प्रदर्शन में बड़ी भागीदारी*
इस विरोध प्रदर्शन में सत्यम जायसवाल (जिला अध्यक्ष, छात्र मंच), सूरज जायसवाल (जिला उपाध्यक्ष), नीरज द्विवेदी, फूलचंद जायसवाल, राजाराम जायसवाल, शरीफ खान, अनिल गौंड, प्रिंस जायसवाल, उमाकांत जायसवाल, दीपक चौधरी सहित सैकड़ों ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं—राजवंती, कलावती, संगीता, अनीता और सुनीता—मौजूद रहीं।
👉 कुल मिलाकर, ओबरा में राख प्रदूषण अब एक गंभीर जनसंकट बनता जा रहा है, जिस पर अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भी विस्फोटक हो सकते हैं।



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