सोन की आवाज न्यूज़ प्रधान संपादक रामआश्रय बिंद
बाउंसरों पर पत्रकारों से नोकझोंक और अभद्रता के आरोप, पुलिस की मौजूदगी में भी स्थिति पर उठे सवाल
ओबरा/सोनभद्र। बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र स्थित बजरंग स्टोन खदान में मंगलवार को कथित खनन हादसे की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की वास्तविक स्थिति और मौके की जानकारी जुटाने पहुंचे पत्रकारों को कथित तौर पर खदान परिसर की ओर जाने से रोकने का मामला सामने आया है। पत्रकारों ने खदान प्रबंधन की ओर से लगाए गए कथित बाउंसरों पर रास्ता रोकने, नोकझोंक करने तथा अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि ओबरा पीजी कॉलेज एवं तहसील क्षेत्र के पीछे स्थित खनन क्षेत्र में किसी हादसे की सूचना मिलने के बाद विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार मौके पर पहुंचे थे। पत्रकारों का उद्देश्य घटना की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाकर समाचार संकलित करना था। आरोप है कि जैसे ही पत्रकार खदान की ओर बढ़े, वहां मौजूद कथित बाउंसरों ने उन्हें रोक दिया।
पत्रकारों के अनुसार, मौके पर खदान की ओर जाने को लेकर बाउंसरों और पत्रकारों के बीच नोकझोंक की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया। घटना को लेकर मौके पर मौजूद पत्रकारों में नाराजगी देखी गई।
पुलिस की मौजूदगी में भी विवाद की स्थिति पर सवाल
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सूचना के बाद ओबरा पुलिस के मौके पर पहुंचने की बात सामने आई, लेकिन पत्रकारों का आरोप है कि इसके बावजूद खदान की ओर जाने और घटना की जानकारी जुटाने को लेकर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। पत्रकारों ने सवाल उठाया कि यदि खदान में हादसे की सूचना थी तो घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के बजाय मीडिया कर्मियों को रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
हादसा हुआ या नहीं, प्रशासन स्पष्ट करे
फिलहाल खदान में वास्तव में कोई हादसा हुआ है अथवा नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। न ही यह स्पष्ट हो सका है कि घटना में कोई व्यक्ति घायल हुआ या हताहत हुआ। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि हादसे की सूचना का वास्तविक तथ्य क्या है और यदि कोई घटना हुई है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही है।
पत्रकारों ने प्रशासन एवं खनन विभाग से पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए खदान में हुई कथित घटना की निष्पक्ष जांच कराने, मौके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
मामले में खदान प्रबंधन, संबंधित खनन अधिकारियों और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। भारत न्यूज़ इस मामले में किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार कर रहा है।




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