सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर गौरव कुमार
बच्चों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर उठी बुलंद आवाज, डीएम के नाम सौंपा ज्ञापन; मांग पूरी न होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी
ओबरा, सोनभद्र। प्रस्तावित यूजीसी बिल को लेकर अनारक्षित वर्ग में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। बच्चों के भविष्य और शिक्षा के अवसरों को लेकर चिंतित अनारक्षित वर्ग के लोगों ने ओबरा में एकजुट होकर “अनारक्षित वर्ग संघर्ष मोर्चा” का गठन कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मोर्चा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर यूजीसी बिल वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई।
मोर्चा के सदस्यों का कहना है कि प्रस्तावित यूजीसी बिल को लेकर अनारक्षित वर्ग के छात्र, युवा और अभिभावक देशभर में अपनी आवाज उठा रहे हैं। सदस्यों ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
“UGC Roll Back” की गूंज, सरकार से तत्काल निर्णय की मांग
ज्ञापन के जरिए मोर्चा ने “UGC Roll Back” की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए अनारक्षित वर्ग के बच्चों के हितों एवं भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। सदस्यों ने कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपा है।
मोर्चा के सदस्यों ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनारक्षित वर्ग के लोग लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते हुए आगे की रणनीति तय करेंगे।
सदस्यों ने सरकार से अपील की कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अनारक्षित वर्ग के बच्चों के भविष्य और हितों को ध्यान में रखकर उचित निर्णय लिया जाए।
इस अवसर पर मुन्ना सिंह, राम यश पाण्डेय, राकेश मिश्रा, राम निवास तोमर, अभिषेक सिंह, निशांत सिंह राठौर, जय शंकर भारद्वाज, विकास सिंह, विजय सिंह, बृजेश सिंह सहित अनारक्षित वर्ग संघर्ष मोर्चा के तमाम सदस्य उपस्थित रहे।

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