सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद
सोनभद्र। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जिला काउंसिल एवं अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के संयुक्त तत्वावधान में आदिवासियों, किसानों, मजदूरों एवं आम नागरिकों की विभिन्न जनहित समस्याओं को लेकर जोरदार पैदल मार्च निकाला गया। जिला सचिव कामरेड आरके शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चुर्क तिराहा से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई।
इस दौरान जिला सचिव आरके शर्मा ने कहा कि सोनभद्र देश को ऊर्जा, खनिज एवं प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण जनपद है, लेकिन इसके बावजूद यहां के आदिवासी, किसान, मजदूर और आम नागरिक आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल आश्वासन देने के बजाय इन समस्याओं के समाधान के लिए धरातल पर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
शिक्षा और आदिवासी अधिकारों को लेकर उठी प्रमुख मांगें
ज्ञापन में सोनभद्र में कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना तथा बभनी विकासखंड में राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज खोलने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन का कहना है कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है।
भाकपा ने उत्तर प्रदेश में पेसा अधिनियम का कड़ाई से पालन, जल-जंगल-जमीन पर आदिवासियों एवं परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों की रक्षा तथा वनाधिकार कानून के तहत लंबित दावों का निस्तारण होने तक पात्र लोगों को बेदखल न किए जाने की मांग की। वन विभाग से जुड़े कथित शोषण एवं उत्पीड़न पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई।
मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 700 रुपये मजदूरी की मांग
ज्ञापन में प्रत्येक पात्र परिवार को मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग की गई। बालू एवं पत्थर खनन में प्रतिबंधित मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा खनन कार्यों में स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने की मांग भी शामिल रही।
स्वास्थ्य, रोजगार और बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग
संगठन ने सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, रिक्त पदों को भरने, पर्याप्त दवाइयां एवं चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने तथा बभनी-म्योरपुर क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर सहित आधुनिक अस्पताल की स्थापना की मांग की।
इसके साथ ही स्थानीय युवाओं, प्रभावित किसानों एवं विस्थापित परिवारों को उद्योगों में रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की गई। बिजली कटौती एवं कथित फर्जी बिलों पर रोक, जर्जर तार-पोल एवं खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने तथा कम से कम 20 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में उठाई गई।
संगठन ने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, सीएसआर एवं डीएमएफ निधि के पारदर्शी इस्तेमाल तथा हर घर नल जल योजना का लाभ सभी पात्र परिवारों तक पहुंचाने की मांग की।
आदिवासी समुदायों को एसटी सूची में शामिल करने की मांग
भाकपा ने कोल, मुसहर, धांगर, धरकार एवं बियार समुदाय को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पर्याप्त राशन एवं पोषण सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सोनभद्र के आदिवासी, किसान, मजदूर एवं वंचित वर्गों की समस्याओं का समाधान शासन की प्राथमिकता में होना चाहिए। संगठन ने मुख्यमंत्री से सभी 19 सूत्रीय मांगों पर तत्काल एवं सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई।

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