सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद
सोनभद्र/चतरा। बरसात की पहली ही बारिश ने चतरा विकासखंड कार्यालय की व्यवस्थाओं की कलई खोल दी। ब्लॉक परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने तथा मुख्य नाली के जाम होने से गंदा पानी पूरे परिसर में भर गया है। इतना ही नहीं, नाली क्षतिग्रस्त होने और जगह-जगह टूटने के कारण दूषित पानी पूरा प्रांगण में फैल रहा है जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विडंबना यह है कि जिस विकासखंड कार्यालय से पूरे क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं और स्वच्छता अभियान की निगरानी की जाती है, वहीं कार्यालय परिसर स्वयं जलभराव और गंदगी का केंद्र बन गया है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ब्लॉक परिसर में आजीविका मिशन कार्यालय, पशु चिकित्सालय और आंगनबाड़ी केंद्र के साथ-साथ एडियो पंचायत के बैठने का ऑफिस भी संचालित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बच्चे और पशुपालक यहां आते हैं, लेकिन परिसर में फैले गंदे पानी के कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पशु चिकित्सालय तक बीमार पशुओं को लाने वाले लोगों को फिसलकर चोट लगने का खतरा बना हुआ है।
स्थिति को और गंभीर बनाता है ब्लॉक के मुख्य मार्ग पर खुला पड़ा नाली का ढक्कन। इससे राहगीरों, बच्चों और आवारा पशुओं के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका लगातार बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मौन है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मियों से नियमित सफाई कार्य नहीं कराया जाता। यदि नालियों की समय-समय पर सफाई कराई जाती और सफाई व्यवस्था की प्रभावी निगरानी होती, तो पहली ही बारिश में ब्लॉक परिसर जलमग्न नहीं होता।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चतरा ब्लॉक परिसर की जाम नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए, क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत कराई जाए तथा सफाई व्यवस्था की जांच कर लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो बरसात के दिनों में यह समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है।




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