ज्ञान यज्ञ अभियान के तहत भव्य आयोजन



462वाँ युगऋषि वाङ्मय स्थापित, महाविद्यालय पुस्तकालय को मिला आध्यात्मिक ज्ञान का खजाना


लखनऊ, 24 अप्रैल 2026।


गायत्री ज्ञान मंदिर, इंदिरा नगर लखनऊ द्वारा संचालित विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अंतर्गत “सी०बी० गुप्ता बी०एस०एस० महाविद्यालय, चन्द्रावल” के केंद्रीय पुस्तकालय में 462वें युगऋषि वाङ्मय की स्थापना का गरिमामय कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित 79 खण्डों का सम्पूर्ण वाङ्मय संस्थान को भेंट किया गया, जो विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए ज्ञान का अमूल्य स्रोत बनेगा।


कार्यक्रम में डॉ० रीता तिवारी ने अपने स्वर्गीय पति कैप्टेन सुप्रशान्त दुबे, सास-ससुर स्व० सुशीला देवी, स्व० रामाश्रय दुबे एवं पूज्य पिता स्व० मुरलीधर तिवारी की पावन स्मृति में यह वाङ्मय भेंट किया। साथ ही उन्होंने संकाय सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भी वितरित की।


इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि का सद्साहित्य जीवन जीने की कला सिखाता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से इस साहित्य के अध्ययन द्वारा अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।


वी० के० श्रीवास्तव एवं डॉ० रीता तिवारी ने भी अपने विचार रखते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।


कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ० सुधा वाजपेयी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया और इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए गायत्री परिवार का आभार जताया।


इस अवसर पर उमानंद शर्मा, डॉ० रीता तिवारी, वी०के० श्रीवास्तव, देवेन्द्र सिंह सहित महाविद्यालय के संकाय सदस्य—डॉ० वन्दना सिंह, डॉ० पिंकी राय, डॉ० जी० के० चतुर्वेदी, सुश्री साहिबा खातुन एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

👉 यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक ज्ञान के प्रसार का माध्यम बना, बल्कि युवाओं को संस्कार, विचार और जीवन मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।

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