सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर राम पुकार प्रसाद
उल्लास नवभारत साक्षरता परीक्षा में सभी 10 ब्लॉकों के शिक्षार्थियों ने लिया हिस्सा, म्योरपुर रहा अव्वल
सोनभद्र। पढ़ने-लिखने की उम्र की कोई सीमा नहीं होती—इसी जज्बे के साथ रविवार को सोनभद्र में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत साक्षरता परीक्षा कराई गई। जिले के 816 परीक्षा केंद्रों पर 8,207 शिक्षार्थियों ने उत्साह के साथ परीक्षा में प्रतिभाग किया। परीक्षा सुबह 10 बजे से शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई।
म्योरपुर में सबसे ज्यादा 2,106 परीक्षार्थी
सभी 10 विकासखंडों में हुई परीक्षा में म्योरपुर से सर्वाधिक 2,106 शिक्षार्थी शामिल हुए। रॉबर्ट्सगंज से 1,541, कोन से 1,391, करमा से 741, चोपन से 484, चतरा से 464, घोरावल से 441, नगवां से 437, बभनी से 325 और दुद्धी से 277 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
सभी केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं। संबंधित परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की देखरेख में परीक्षा निर्धारित मानकों के अनुरूप कराई गई।
अधिकारियों ने केंद्रों का लिया जायजा
साक्षरता कार्यक्रम की सहायक निदेशक प्रतिमा मिश्रा ने रॉबर्ट्सगंज विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी प्रथम और प्राथमिक विद्यालय छपका स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए शिक्षार्थियों की उत्साहजनक उपस्थिति की सराहना की और परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से कराने के निर्देश दिए।
पूर्व परीक्षाओं में 91.99 प्रतिशत ने हासिल की दक्षता
उल्लास कार्यक्रम के तहत पूर्व में हुई परीक्षाओं में 24,958 शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें 22,959 ने निर्धारित साक्षरता दक्षता हासिल कर सफलता प्राप्त की। वहीं 1,959 प्रतिभागियों को सुधार की आवश्यकता पाई गई। मार्च 2026 की परीक्षा में 12,210 में से 12,056 शिक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे।
परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिकाओं का निर्धारित प्रक्रिया के तहत मूल्यांकन कर परिणाम उल्लास पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। कार्यक्रम के जरिए 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को पढ़ने, लिखने और दैनिक जीवन में जरूरी संख्यात्मक दक्षताओं से सक्षम बनाने का प्रयास जारी है।

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