सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद बिंद
150 महिलाओं ने तैयार कीं 20 हजार राखियां, त्योहार से खुली कमाई की राह; डीएम ने सराहा हुनर और मेहनत
सोनभद्र, 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन से पहले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने स्नेह, हुनर और आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल पेश की। समूह की बहनों ने अपने हाथों से तैयार राखी जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की कलाई पर बांधी तो यह पल भाई-बहन के स्नेह के साथ महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दे गया।
जिलाधिकारी ने महिलाओं के बीच बैठकर राखी बनाने की प्रक्रिया देखी और कच्चे माल से लेकर लागत, निर्माण, बिक्री एवं आमदनी तक की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 30 स्वयं सहायता समूहों की करीब 150 महिलाएं राखी निर्माण से जुड़ी हैं। अब तक इनके द्वारा करीब 20 हजार राखियां तैयार की जा चुकी हैं। बिक्री से महिलाओं को लाखों रुपये की आय होने की उम्मीद है। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ महिलाएं अपने हुनर को रोजगार में बदलकर परिवार की आर्थिक मजबूती में भागीदारी निभा रही हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि समूह की बहनों की बनाई राखियां उनके हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास की पहचान हैं। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला स्वावलंबन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रोजगार के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी जोर
समूह परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने की भी पहल की जा रही है। पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं निर्धारित पात्रता के अनुसार मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से जोड़कर आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने की कार्यवाही की जाएगी।
डीएम ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ रोजगार ही नहीं, बल्कि आजीविका, बाजार और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि./रा. श्री वागीश कुमार शुक्ला, डीसी मनरेगा श्री रविन्द्र वीर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी श्री रमेश मिश्रा, उप जिलाधिकारी घोरावल श्री विशाल कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे
इस रक्षाबंधन समूह की बहनों की बनाई हर राखी सिर्फ स्नेह की डोर नहीं, बल्कि महिला हुनर, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की कहानी भी कहेगी।

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