सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद बिंद
सीएम ने गम्भीरता से मुद्दों को सुना व तत्काल इसे कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
सोनभद्र। जनपद से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक, स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा एवं खनन संबंधी मुद्दों को लेकर शासन एवं संबंधित अधिकारियों को कई शिकायत एवं मांग पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। पत्रों में मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं से लेकर आदिवासी काश्तकारों के खनन अधिकारों तक के मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए हैं।
प्रमुख मांगें एवं शिकायतें बिंदुवार
1-मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग
पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, सोनभद्र में शासन के निर्देशों के विपरीत श्री धीरज श्रीवास्तव को महत्वपूर्ण वित्तीय एवं क्रय संबंधी प्रभार दिए गए हैं।
मुख्य आरोप:
शासन के आदेशों की अवहेलना कर वित्तीय प्रभार सौंपना।
घटिया गुणवत्ता की दवाओं एवं उपकरणों की खरीद।
टेंडर प्रक्रिया से बचने के लिए खरीद को छोटे-छोटे बिलों में विभाजित करना।
सरकारी धन के दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितताओं का आरोप।
पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग।
2- मेडिकल कॉलेज के विस्तार हेतु भूमि अधिग्रहण की मांग
मेडिकल कॉलेज के भविष्यगत विकास को देखते हुए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
मांग के प्रमुख बिंदु:
शैक्षणिक भवनों के विस्तार हेतु भूमि।
छात्रावासों और अस्पताल अवसंरचना का विकास।
मेडिकल छात्रों के लिए खेल मैदान की व्यवस्था।
संकाय सदस्यों एवं परिवारों के लिए हरित एवं मनोरंजन क्षेत्र।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप विकास।
3- मेडिकल कॉलेज के सरकारी आवासों से अवैध कब्जे हटाने की मांग
पत्र में कहा गया है कि अस्पताल परिसर के कई आवासों पर ऐसे लोग कब्जा किए हुए हैं जिनका स्थानांतरण अन्य जनपदों में हो चुका है।
मुख्य मांगें:
अवैध रूप से रह रहे लोगों का निष्कासन।
वर्तमान में कार्यरत डॉक्टरों एवं कर्मचारियों को आवास उपलब्ध कराना।
सरकारी आवासों का पुनः आवंटन।
नियमों के अनुरूप कार्रवाई।
4- मेडिकल कॉलेज परिसर से अतिक्रमण हटाने की मांग
मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर को सुरक्षित एवं क्लोज्ड कैंपस बनाने की मांग उठाई गई है।
मुख्य बिंदु:
अस्पताल परिसर से अतिक्रमण हटाया जाए।
अनधिकृत आवास एवं व्यवसाय बंद किए जाएं।
निजी मेडिकल स्टोर एवं लैबों के अनुचित प्रभाव पर रोक लगे।
परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
नियंत्रित प्रवेश-निकास व्यवस्था लागू की जाए।
5- आदिवासी काश्तकारों को खनन पट्टा देने की मांग
सोनभद्र के बिल्ली मारकुंडी, बरदिया, सिन्दूरिया, टापू, जुगैल सहित कई क्षेत्रों के आदिवासी एवं मूल काश्तकारों के हित में खनन नीति में संशोधन की मांग की गई है।
पत्र में उठाई गई प्रमुख मांगें:
निजी कास्त भूमि पर ई-निविदा के बजाय मूल भूमिधरों को प्राथमिकता मिले।
पत्थर, बालू एवं मोरम के लिए 10 वर्षीय खनन पट्टा काश्तकारों को दिया जाए।
निर्धारित रॉयल्टी का दोगुना भुगतान कर सीधे काश्तकार को पट्टा देने की व्यवस्था बने। आदिवासी समुदाय को खनिज संसाधनों से प्रत्यक्ष लाभ मिले।
वर्ष 2019 के शासनादेश में संशोधन किया जाए।अनुसूचित जनजाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। पत्रों में की गई प्रमुख कार्रवाई की मांग मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं की जांच।
संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई। मेडिकल कॉलेज के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण।
सरकारी आवासों से अवैध कब्जे हटाना।
अस्पताल परिसर को अतिक्रमण मुक्त बनाना। आदिवासी काश्तकारों को खनन पट्टा देने हेतु नियमों में संशोधन।
खनन नीति में मूल भूमिधरों के हितों की सुरक्षा।


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