सोन की आवाज न्यूज़ मंडल ब्यूरो चीफ जगरनाथ प्रसाद
आठ चक्रों के रहस्य और प्राणायाम की बारीकियों से महिलाओं को कराया गया अवगत, स्वस्थ जीवन अपनाने का आह्वान
ओबरा (सोनभद्र)। महिला पतंजलि योग समिति, सोनभद्र दक्षिणी क्षेत्र के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा एवं योग शिविर के तीसरे दिन का आयोजन अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक रहा। ओबरा स्थित योग शिविर में सायंकाल आयोजित सत्र में योग शिक्षिका कृतिमा सिंह ने उपस्थित माताओं, बहनों एवं बालिकाओं को योग, प्राणायाम तथा शरीर के आठ प्रमुख चक्रों का विस्तृत एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया।
योग शिक्षिका ने मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपूर, अनाहत, विशुद्ध, आज्ञा, हृदय तथा सहस्रार चक्र की महत्ता बताते हुए कहा कि योग और प्राणायाम तभी अधिक प्रभावी होते हैं जब उन्हें सही ध्यान और एकाग्रता के साथ किया जाए। उन्होंने बताया कि भस्त्रिका प्राणायाम के दौरान ध्यान मूलाधार चक्र, कपालभाति करते समय मणिपूर चक्र तथा अनुलोम-विलोम प्राणायाम के समय हृदय चक्र पर केंद्रित रखना चाहिए। उन्होंने बड़ी सरलता और बारीकी से चक्रों के महत्व को समझाया, जिससे साधकों को योग की गहन जानकारी प्राप्त हुई।
शिविर में जिला प्रभारी ममता श्रीवास्तव ने सभी योग शिक्षकों एवं साधकों को स्वस्थ एवं निरोग जीवन की शुभकामनाएं देते हुए अधिक से अधिक माताओं, बहनों और बालिकाओं से इस निःशुल्क चिकित्सा एवं योग शिविर का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में योग ही स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक ऊर्जा का सबसे प्रभावी माध्यम है।
शिविर की अध्यक्षता राष्ट्रीय सेविका समिति, सोनभद्र की जिला कार्यवाहिका बहन गीतांजलि चौबे ने की। उन्होंने कहा कि महिला पतंजलि योग समिति द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता के लिए चलाया जा रहा यह अभियान समाज को निरोग बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे आगे भी निरंतर संचालित किया जाएगा।
इस अवसर पर योग शिक्षिका सरिता सिंह, ऊषा शर्मा, पुष्पा दुबे, रेखा, मीनाक्षी मौर्य, ऋचा वर्मा, रितिका प्रजापति सहित अनेक योग साधक एवं साधिकाएं उपस्थित रहीं। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर नियमित योग करने का संकल्प लिया।


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