लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश, तीन साल तक सजा का प्रावधान
सोन की आवाज रिपोर्टर कमलेश कुमार सिंह
सिंगरौली। भारत की जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य को गति देने के उद्देश्य से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का अनिवार्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। नगर जनगणना अधिकारी ज्योति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों को डेटा प्रविष्टि, आवश्यक सावधानियों और मकानों की नंबरिंग की पूरी प्रक्रिया का विस्तार से अभ्यास कराया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी प्रगणक ‘लोक सेवक’ की श्रेणी में आते हैं, जिससे यह कार्य उनके लिए अनिवार्य हो जाता है। यदि कोई प्रगणक अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतता है या कार्य करने से इंकार करता है, तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना और निलंबन तक का प्रावधान शामिल है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग दें और सही व सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, क्योंकि यह उनकी कानूनी जिम्मेदारी है।
अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर शुद्ध और प्रमाणिक डेटा संकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनगणना प्रक्रिया सफल और प्रभावी रूप से पूरी हो सके।


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