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सत्ता से है सवाल हम हो रहे हलाल कुछ तो हल निकालिये:प्रदुम्न त्रिपाठी

 सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर राम पुकार प्रसाद 

- शिक्षक दिवस पर विविध क्षेत्रों में सराहनीय योगदान के लिए पांच विभूतियों को किया गया सम्मानित

- रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित अधिवक्ता भवन में हुआ आयोजन




सोनभद्र।
शहीद स्थल प्रवंधन ट्रस्ट करारी सोनभद्र की ओर से शिक्षक दिवस पर शनिवार शाम कचहरी परिसर स्थित अधिवक्ता भवन में काव्य संध्या एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें पत्रकारिता व समाज सेवा के लिए राजेश पाठक एड , कौशल्या कुमारी चौहान को कविता शिक्षा के क्षेत्र में, दिव्या राय को संगीत शिक्षा के क्षेत्र में, अरुण तिवारी को शिक्षा साहित्य के क्षेत्र में व अनुपम वाणी कवयित्री को कविता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सारस्वत सम्मान, अंगवस्त्र, लेखनी, पुस्तिका, साहित्य कृति देकर माल्यार्पण कर विधिवत अभिनंदन किया गया। आयोजन की अध्यक्षता करते हुये गीतकार ईश्वर विरागी ने थाम लेंगे वक्त को चलने न देंगे सुनाकर महफ़िल लूट लिया। मुख्य अतिथि दिवाकर दिवेदी मेघ रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश शरण मिश्र रहे। वाणी वंदना सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम ने करते हुये, ज्योति जगमग जगत भर जय जय तेरी माँ शारदे से शुरुआत हुई। संयोजक आयोजक प्रदुम्न त्रिपाठी एडवोकेट प्रमुख शहीद स्थल प्रवंधन ट्रस्ट करारी सोनभद्र ने सत्ता से सवाल कर, तुझसे मेरा सवाल हल निकालिये, कुर्सी का मायाजाल हल निकालिये, महंगाई, बेकारी, भ्रष्टाचार चरम पर, हम हो रहे हलाल हल निकालिये सुनाकर जनमन की पीर को रेखांकित किया। धर्मेश चौहान एड, दयानंद दयालू, मदन चौबे एड व दीपक केसरवानी ने विविधता युक्त रचना पाठ कर गतिज उर्जा का संचरण किये। संचालक अशोक तिवारी ने, जवानो की ए मदहोशी बुजुर्गों की ए खामोशी बताओ कौन तोड़ेगा, न तुम बोलो न हम बोलें तो आखिर कौन बोलेगा सुनाकर वाहवाही लूटी। कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने जयहिंद वंदेमातरम का जो करते सम्मान नहीं, वे भारत माता के दुश्मन उनका हिंदुस्तान नहीं सुनाकर हुंकार भरी। सुशील मिश्रा सोन संगीत फाउंडेशन ने, कजली धुन पर सस्वर गायन कर महफ़िल सजाई तो वहीं ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल ने,राष्ट्र की गाथा लिखें या पीर जनमन की लिखें सुनाकर संवेदना झंकृत किये सराहे गये। अरुण तिवारी ने भारती की आरती उतारिये, दिव्या राय ने मत रोक सांवरिया घूंघट में मुझे नील गगन तक उड़ने दे अनुपम वाणी ने कब आयेंगे अच्छे दिन सवाल कर व्यवस्था पर प्रहार किया। मुख्य अतिथि दिवाकर दिवेदी मेघ ने ब र वा कटा के कट कौवा बी ए पढ़े लागल बा बेटौवा सुनाकर देर तक हंसाते रहे और समाज की विसंगति का बिंब खींचा। राजेश पाठक एडवोकेट ने इस प्रकार के आयोजन को नितांत जरूरी बताया तथा शिक्षक दिवस पर सर्वपल्ली डा, राधाकृष्णन के कृतित्व व्यक्तित्व की विशद चर्चा कर प्रेरणा पुंज को नमन किये।

 विशिष्ट अतिथि राकेश शरण मिश्र एड ने अपनी रचनाओं से शिक्षक दिवस की सार्थकता पर चर्चा कर सम्मानित किये गये लोगों को बधाई दिया। आभार ऋषभ त्रिपाठी ने व्यक्त किया। 

इस अवसर पर जयशंकर त्रिपाठी एडवोकेट, देवानंद पांडेय, राकेश दूबे एड, त्रिपुरारी मिश्रा, संदीप शुक्ल एड आदि रहे।

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