मालवीय नगर में डेयरी की मनमानी पर नगर पंचायत का हंटर
सोन की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर अनपरा सोनभद्र पुष्पराज सिंह बघेल
अनपरा/सोनभद्र। नगर पंचायत अनपरा ने वार्ड नंबर-14 मालवीय नगर में संचालित एक डेयरी की मनमानी और गंदगी फैलाने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी कर दिया है। सार्वजनिक नालियों में खुलेआम गोबर और गंदा पानी बहाने की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया और डेयरी संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई है।
बताया जा रहा है कि कोवानाला क्षेत्र स्थित पंचम दूध डेयरी के खिलाफ क्षेत्रीय निवासी मनोज प्रजापति द्वारा ऑनलाइन शिकायत संख्या-40020026008118 दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि घनी आबादी के बीच पशुओं का खटाल संचालित किया जा रहा है, जहां से निकलने वाला गोबर और दूषित पानी सीधे सार्वजनिक नालियों में छोड़ा जा रहा है। इससे पूरे इलाके में बदबू, गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डेयरी संचालक की लापरवाही के कारण नालियां लगातार जाम हो रही हैं। आसपास रहने वाले परिवारों का जीना दूभर हो गया है। दुर्गंध के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है, जबकि मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पंचायत प्रशासन ने डेयरी संचालक को नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से नाली में गोबर और अपशिष्ट बहाना बंद करने का आदेश दिया है। नोटिस में साफ कहा गया है कि यह कृत्य उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा-215 तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का खुला उल्लंघन है।
नगर पंचायत ने डेयरी संचालक को 7 दिनों के भीतर पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई सुनिश्चित कर उसकी रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आदेश की अनदेखी करने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर पशुशाला को सील करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि डेयरी संचालक को नोटिस पर कोई आपत्ति है तो वह 2 दिनों के भीतर अधिशासी अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रख सकता है।
नगर पंचायत की इस कार्रवाई से मालवीय नगर के लोगों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से चली आ रही गंदगी, दुर्गंध और नाली जाम की समस्या से अब राहत मिल सकेगी। वहीं क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल नोटिस तक सीमित न रहकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।




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